बस ज्ञान और कुछ नही

Sunday, July 1, 2007

आरक्षण : भारत से कनाडा तक

भारत को ऐसे ही महान नही कहा जाता । इस महान राष्ट्र की बहुत सी ऐसी विशेषताएँ है जो बिलकुल अनूठी हैं ।इन्ही में से एक अनूठी विशेषता है आरक्षण ।गुर्जरों की मारा मारी का लाइव शो अभी हाल ही में देश देख चुका है। विभिन्न समुदायों के ऐसे राजनीतिक और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण और जागरण लगता है अब अन्य देशों को भी लुभाने लगा है । आरक्षण की लहर कनाडा तो जा पहुँची है । कल के ‘हिन्दू’ ने 16 पेज के कोने में छोटी सी खबर छापी है जो आरक्षण के विश्वव्यापी प्रभाव को पुष्ट करती है ।खबर के अनुसार कनाडा का नेटिव्स समुदाय ‘मोहॉक’ आरक्षण के मुद्दे को लेकर दो दिन से प्रदर्शन कर रहा है । तरीका भी शुद्ध भारतीय है । यानी हाइवे जाम और पैसेंजर रेल को चलने ने देना । ये बात अलग है की आरक्षण का कितना फायदा है ऑर इस इसका फायदा कोन सा समुदाय उठाता है।
अपन को ऐसा लगता है कि आरक्षण का असली फायदा तब तक नही हो सकता जब तक समुदाय की आर्थिक हालत को इसके दायरे मे नही लिया जायेगा। क्योकि जैसा कि एम. एन. श्रीनिवास अपनी किताब ‘डॉमिनेंट कास्ट’ मे कहते है कि एक जाति अगर एक जगह प्रभुत्वशाली है तो कही और भी वह ही प्रभुत्वशाली होगी ज़रूरी नही।किसी अन्य स्थान पर वह हाशिये पर भी हो सकती है। इस ही लिए जाति से ऊपर वर्ग को आरक्षण् का आधार बनाना चाहिये ।जाति एक सामाजिक संरचना है । इसलिए आरक्षण उससे उपजी समस्याओं का एक प्रभावी हल नही है ।आरक्षण एक राजनीतिक उपकरण है । वह मनों में समाई वर्षों की निर्मित संरचनाओं को तोडने की बजाय और मज़बूत कर रहा है। गुर्जर -मीणा समुदायों का आपसी द्वेष बढा ही है । अनारक्षित जातियों में भी तीव्र रोष समाया हुआ है :शासन के प्रति भी और आरक्षित जातियों के प्रति भी । बिहार में बना ग्रुप एस-4 इसका शायद बहुत हालिया प्रमाण है जिसके अंतर्गत आने वाले सवर्ण समुदायों ने स्वयं के प्रति होने वाले अन्यायों के विरुद्ध संगठित होना शुरु किया है।

2 comments:

Raviratlami said...

अच्छी खबर बताई. एक खबर ये भी अभी ही आई थी कि अमरीका में आरक्षण आधारित (अफर्मेटिव एक्शन) भरती पर वहाँ के सर्वोच्च न्यायालय ने रोक लगा दी है.

आरक्षण विश्वव्यापी हो गया है.

हरिमोहन सिंह said...

आरक्षण का एक अच्‍छा तरीका यह हो सकता है कि जिन लोगो को आरक्षण मिल रहा है अनके केवल गरीबी रेखा bpl से नीचे के लोगों को ही आरक्षण मिले ।