दिल्ली मे यातायात की स्थिति पर हर आम शख्स परेशाँ है ।गर्मी की मार झेलते लोग बिना छ्त वाले बस स्टैंड्स पर विकल खडे मिल जाएंगे ।अखबारे रोज़ डी टी सी बसो के पीछे लटकते ,गिरते पडते ,बदहाल होते लोगो की तस्वीरे और खबरो से अँटे पडे हैं ।किसी अखबार[जनसत्ता 11/7/7] के एक लेख मे कहा गया कि सम्पूर्ण क्रांति की ज़रूरत है ।! साइकिल और बाइक पर आ जाओ । सरकार कडा कदम, उठाये और कारों को प्रतिबन्धित कर दे । अमीर –गरीब का अंतर कम होगा असाथ ही प्रदूषण भी ।लम्बे ट्राफिक जामों से छुटकारा मिलेगा ।इधर ब्लू लैन वाली प्राइवेट बसों द्वारा कई ज़िन्दगियो के कुचले जाने के बाद प्रशासन हरकतें करने लगा और चालान काटने लगा । यहाम एक तो हर समस्या का समाधान जुर्मानों और चालानो से कर लिया जाता है ।उधर अपनी दानवी ताकत की याद दिलाने के अन्दाज़ मे ब्लू लाइन वाले ,जिनके चालान नही हुए थे ,मूछो को ताव दे कर किनारे बैठ तमाशा देखने लगे । यहाँ जनता हलकान हुई जा रही थी ।ऑटो वाले मौका देख लोगो की मुसीबतो पर हाथ सेकने लगे ।डी टी सी को मौका मिला उसने तालिका छपवा दी कि देखिए ब्लू लाइन वालो की तुलना मे हमारे अपराध कितने कम हैं ।
सो इस सारे परिदृश्य मे मूल समस्या कहाँ लोप हुई । समस्या पब्लिक ट्रांसपोर्ट की ।उसकी बिगडती स्थिति की ।कार वाली कम्पनियाँ रातोंतरात नए मॉडल की गाडियाँ निकाल लेती है .आज भी यहा डी टी सी बस का 60 के दशक का मॉडल चलता है ।मेट्रो ने बहुत सहारा दिया है पर आज भी अधिसंख्य रूटो पर बसे ही कामयाब हैं ।क्या 900 अतिरिक्त बसें सडक पर उतारने से समस्या का पूर्ण निदान हो जाएगा । हारकर सरकार ब्लूलाइन के शोहदों के पैर पडेगी और फिर मामला ठंडे बस्ते मे अगली हादसों की कडी के घटने तक के लिए ।लक्षणों का इलाज करने की यह भारत सरकार की परम्परा पुरानी है और आम नागरिक का जीना दूभर बना रही है ।पब्लिक ट्रांसपोर्ट की स्थिति सुधारिये तो कोई क्यो कर्ज़ पर कार खरीद कर सफेद हाथी दरवाज़े पर बांधना चाहेगा ।
बस ज्ञान और कुछ नही
Friday, July 13, 2007
इस शहर मे हर शख्स यूँ परेशान सा क्यो है .......
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2 comments:
सही बात है । लेकिन आज के युग में हम लोग तडक भडक व दिखावा पसन्द है तो जिसके पास सामर्थ्य होगी वह अपना प्राइवेट वाहन लेगा ही
"पब्लिक ट्रांसपोर्ट की स्थिति सुधारिये तो कोई क्यो कर्ज़ पर कार खरीद कर सफेद हाथी दरवाज़े पर बांधना चाहेगा ।"
आज पहली बार आपके चिट्ठे पर आया एवं आपकी रचनाओं का अस्वादन किया. आप अच्छा लिखते हैं, लेकिन आपकी पोस्टिंग में बहुत समय का अंतराल है. सफल ब्लागिंग के लिये यह जरूरी है कि आप हफ्ते में कम से कम 3 पोस्टिंग करें. अधिकतर सफल चिट्ठाकार हफ्ते में 5 से अधिक पोस्ट करते हैं. किसी भी तरह की मदद चाहिये तो मुझ से संपर्क करे webmaster@sararhi.info -- शास्त्री जे सी फिलिप
मेरा स्वप्न: सन 2010 तक 50,000 हिन्दी चिट्ठाकार एवं,
2020 में 50 लाख, एवं 2025 मे एक करोड हिन्दी चिट्ठाकार!!
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